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आदि शंकराचार्य का अद्वैत दर्शन

अद्वैत दर्शन अद्वैत दर्शन के प्रतिपादक शंकराचार्य हैं। उनके अनुसार "ब्रह्म सत्यं जगन्नमिथ्या जीवो ब्रह्मैव नापर:।" ब्रह्म (निर्गुण ईश्वर) ही एक मात्र सत्य है और...

जैन दर्शन में जीव या आत्मा संबंधी सिद्धांत

जैन दर्शन जीव के प्रकार जैन दर्शन चेतन द्रव्य को जीव या आत्मा कहता है। जीव चेतना स्वरूप है अर्थात् जीव में चेतना हमेशा पाई जाती...

इमैनुएल कांट का समीक्षावाद : दर्शनशास्र मुख्य परीक्षा

इमैनुएल कांट का दर्शन इमैनुएल कांट का दर्शन समीक्षावाद कहलाता है क्योंकि उसने अनुभववाद और बुद्धिवाद की आलोचनात्मक समीक्षा करके अपनी विचारधारा को स्थापित किया।...

सांख्य दर्शन : प्रकृति, पुरुष एवं सत्कार्यवाद

सांख्य दर्शन भारतीय दर्शन पद्धतियों में सांख्य सबसे प्राचीन माना जाता है। महर्षि कपिल के द्वारा सांख्य दर्शन का प्रतिपादन किया गया। सांख्य दर्शन द्वैतवादी...

स्तूप : उत्पत्ति और विकास

स्तूप की उत्पत्ति एवं विकास महात्मा बुद्ध के निर्वाण के बाद भारत और अफगानिस्तान में बड़ी संख्या में स्तूपों का निर्माण प्रारंभ हुआ। सम्राट अशोक...

कार्ल मार्क्स का द्वंद्वात्मक भौतिकवाद

कार्ल मार्क्स का द्वंद्वात्मक भौतिकवाद कार्ल मार्क्स के दार्शनिक विचार हेगेल के प्रत्ययवादी द्वंद्ववाद और और फायरबाख के भौतिकवाद की आलोचनात्मक समीक्षा के दौरान निखरे।द्वंद्वात्मक...

अकबर की धार्मिक नीति

अकबर की धार्मिक नीति मुगल साम्राज्य के संस्थापक बाबर ने किसी व्यवस्थित या योजनाबद्ध धार्मिक नीति की शुरुआत नहीं की थी। निजी तौर पर बाबर...

वित्त आयोग : गठन एवं कार्य

वित्त आयोग अनुच्छेद 280 से 281वित्त आयोग एक संवैधानिक संस्था है। इसका गठन अनुच्छेद 280 के अधीन राष्ट्रपति द्वारा प्रत्येक 5 वर्ष की समाप्ति पर...

मथुरा कला शैली

मथुरा कला मथुरा कला शैली गांधार शैली के समान ही कुषाण काल में प्रचलित थी। मथुरा इस शैली का एक विशाल केंद्र था। यहां असंख्य...

लोकसभा : संरचना, शक्तियाँ एवं कार्य

लोकसभा लोकसभा जनता के द्वारा प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित प्रतिनिधियों का सदन है। ज्ञातव्य है कि भारत में लोकसभा का प्रथम आम चुनाव कुल 489...

स्तूप : उत्पत्ति और विकास

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मथुरा कला शैली

मथुरा कला मथुरा कला शैली गांधार शैली के समान ही कुषाण काल में प्रचलित थी। मथुरा इस शैली का एक विशाल केंद्र था। यहां असंख्य...

गांधार कला शैली

गांधार कला शैली कुषाण काल का मूर्तिकला की दृष्टि से खास महत्व है। इस समय मूर्तिकला के दो प्रमुख केंद्र थे; पहला गांधार तथा दूसरा...

स्वराज्य दल : गठन, उद्देश्य एवं उपलब्धियां

05 फरवरी 1922 को चौरी चौरा की घटना के बाद असहयोग आन्दोलन को रोक दिया गया। जब आन्दोलन पूरे उफान पर था ऐसे में...

वित्त आयोग : गठन एवं कार्य

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लोकसभा : संरचना, शक्तियाँ एवं कार्य

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भारत निर्वाचन आयोग: गठन एवं कार्य

निर्वाचन लोकतंत्र का आधार है। भारतीय संविधान में लोकसभा एवं राज्यों की विधानसभाओं एवं स्थानीय निकायों के सदस्यों को चुनने के लिए वयस्क मताधिकार प्रणाली...

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