मुगल साम्राज्य: औरंगजेब

मुगल साम्राज्य: औरंगजेब (1658-1707 ईस्वी):

  • मुगल बादशाह बनने से पहले औरंगजेब दक्कन का वायसराय था।
  • औरंगजेब गुजरात, मुल्तान और सिंध का गवर्नर रह चुका था।
  • वह मुहीउद्दीन मुहम्मद औरंगजेब आलमगीर के नाम से मुगल बादशाह बना।
  • बादशाह बनने के बाद औरंगजेब ने जनता के आर्थिक कष्टों को दूर करने के लिए राहदारी (आंतरिक पारगमन शुल्क) तथा पानदारी ( व्यापारिक चुंगियों) आदि को समाप्त कर दिया।
  • औरंगजेब ने उलेमाओं की सलाह से इस्लामी ढंग से शासन किया।
  • उसने इरानी त्यौहार नौरोज तथा हिन्दू उत्सव झरोखा दर्शन जिन्हें अकबर ने शुरू किया था बंद करा दिया।
  • औरंगजेब ने गैर मुस्लिम जनता पर फिर से जजिया कर लगाया (1679) जिसे अकबर ने भेदभाव पूर्ण समझ कर बंद करा दिया था।
  • औरंगजेब ने मुगल साम्राज्य के भीतर सार्वजनिक रूप से नृत्य तथा संगीत पर भी प्रतिबंध लगा दिया, यद्यपि व्यक्तिगत जीवन में वह स्वयं एक कुशल वीणा वादक था।
  • औरंगजेब कट्टर सुन्नी मुसलमान था।
  • औरंगजेब व्यक्तिगत रूप से ऊंचे चरित्र वाला व्यक्ति था, इसलिए उसे जिंदा पीर कहा जाता था। वह अपना निजी खर्चा इस्लामी टोपी बनाकर चलाता था।
  • सार्वजनिक सदाचार की निगरानी के लिए उसने मुहतसिब नियुक्त किए।
  • औरंगजेब के समय में मुगल साम्राज्य क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक विशाल था।
  •  हिन्दू मनसबदारों की सबसे बड़ी संख्या औरंगजेब के ही समय में ही थी।
  • औरंगजेब ने 1686 ई० में बीजापुर तथा 1687 ई० में गोलकुंडा को जीतकर मुगल साम्राज्य में मिला लिया।
  • औरंगजेब के समय में 1669 में राजाराम के नेतृत्व में जाटों ने विद्रोह कर दिया।
  • सिक्खों, सतनामियों तथा राजपूतों ने भी विद्रोह किए।
  • औरंगजेब ने गुरु तेग बहादुर को फांसी पर चढ़ा दिया।
  • औरंगजेब ने औरंगाबाद में बीबी का मकबरा बनवाया। बीबी का मकबरा ताजमहल की प्रतिकृति है।
  • औरंगजेब की मृत्यु 1707 ई० में हुई। उसे दौलताबाद (औरंगाबाद) में दफनाया गया।

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