यूरोपीय कंपनियों का भारत आगमन

यूरोपीय कंपनियों का भारत आगमन

पुर्तगाली

  • पुर्तगाली नाविक और व्यापारी वास्को-डि-गामा ने यूरोप से भारत के लिए समूद्री मार्ग की खोज की।
  • वास्को-डि-गामा 1498 में कालीकट (केरल​) के तट पर उतरा।
  • उस समय कालीकट का राजा जमोरिन था।
  • भारत में पुर्तगाली क्षेत्रों का पहला गवर्नर अल्मीडा था।
  • अल्मीडा का कार्यकाल 1505 से 1509 ई० था।
  • अल्बुकर्क 1509 में गवर्नर बनाया गया।
  • अल्बुकर्क ने बीजापुर के सुल्तान युसुफ आदिलशाह से 1510 में गोवा जीत लिया।
  • अल्बुकर्क सबसे अधिक प्रसिद्ध और सफल पुर्तगाली गवर्नर था।
  • 1632 ई में शाहजहां ने पुर्तगालियों को हुगली से बाहर कर दिया।
  • 1668 ई में पुर्तगाल ने ब्रिटेन के चार्ल्स द्वितीय को बंबई दहेज में दे दिया।
  • अपनी नौसैनिक शक्ति के द्वारा पुर्तगालियों ने भारत में घोड़ों के आयात पर एकाधिकार कायम कर लिया।
  • भारत में तंबाकू, आलू और टमाटर की खेती पुर्तगालियों ने शुरू कराया।
  • भारत में पहला छापाखाना 1556 में (प्रिंटिंग प्रेस) पुर्तगाली ईसाई मिशनरियों ने स्थापित किया।
  • पुर्तगाली कंपनी की स्थापना 1498 में हुई।
  • पुर्तगाली भारत में 1961 तक रहे।
  • पुर्तगालियों ने भारत में अपनी व्यापारिक कोठी कोचीन में स्थापित किया।
  • यूरोपीय कंपनियां अपने व्यापारिक केन्द्रों को फैक्टरी या कारखाना कहा करते थे लेकिन उनकी व्यापारिक कोठियां किसी माल के उत्पादन के केन्द्र नहीं होकर आयात-निर्यात की वस्तुओं का गोदाम होती थीं।

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डच

  • हालैंड के निवासियों को डच कहा जाता है।
  • 1596 में भारत आने वाला पहला डच कारनेलियस ड हस्तमान था।
  • डच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1602 ईस्वी में हुई।
  • डच कंपनी ने भारत में अपनी पहली फैक्टरी मसुलीपट्टनम में 1605 ई में स्थापित की।
  • हालैंड के डचों ने 1641 में मलक्का पर नियंत्रण कर लिया।
  • डचों ने 1958 ई में लंका पर भी अधिकार कर लिया।
  • 1759 में बेदरा की लड़ाई में डचों को क्लाइव के नेतृत्व वाली अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कम्पनी की फौज ने बुरी तरह पराजित किया जिससे भारतीय क्षेत्रों पर डच कंपनी का अधिकार समाप्त हो गया।

अंग्रेज़

  • इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1600 ईस्वी में हुई।
  • कैप्टन हाकिन्स ब्रिटेन के सम्राट जेम्स प्रथम का राजदूत बनकर 1609 ई में मुगल बादशाह जहांगीर के दरबार में आया।
  • जहांगीर ने हाकिन्स को 400 का मनसब दिया था।
  • 1615 ई में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने सर टामस रो को जहांगीर के दरबार में भेजा।
  • भारत में अंग्रेजों की पहली व्यापारिक कोठी 1608 में सूरत में स्थापित हुई।
  • दक्षिण पश्चिम समुद्री किनारे पर स्थित मसुलीपट्टनम में अंग्रेजों की व्यापारिक कोठी 1611 में स्थापित हुई।
  • मुगल बादशाह फर्रूखसियर ने ईस्ट इंडिया कंपनी को 1717 में दस्तखत के नाम से प्रसिद्ध व्यापारिक अधिकार दिए। दस्तखत एक ऐसा अधिकार पत्र था जिसके अनुसार ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी उस समय के पूरे बंगाल में बिना चुंगी दिए व्यापार कर सकती थी। उस समय बंगाल में आज के ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश तथा पूर्वोत्तर के राज्य आदि सम्मिलित थे।
  • अंग्रेजों को गोविंद पुर, सुतानाती और कलिकाता नाम के तीन गांवों की जमींदारी मिली थी। इनकी किलेबंदी करके फोर्ट विलियम नाम दिया गया।
  • 1757 की प्लासी की लड़ाई में अंग्रेजों ने अपनी कूटनीति से बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को हराकर भारत में अपने आप को एक राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित किया।
  • 1764 में बक्सर नामक स्थान में बंगाल के नवाब मीर कासिम, अवध के नवाब शुजाउद्दौला और मुगल बादशाह शाह आलम की सम्मिलित सेनाओं का ईस्ट इंडिया कंपनी की फौज से मुकाबला हुआ। कंपनी ने बक्सर का युद्ध जीत लिया। 1765 में इलाहाबाद की संधि हुई। इसके बाद मुगल बादशाह अंगरेजों का पेंशन भोगी बन कर रह गया।
  • बक्सर के युद्ध और इलाहाबाद की संधि ने अंग्रेज़ों की बंगाल विजय को स्थायी बना दिया।

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फ्रांसीसी

  • फ्रेंच ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1664 में हुई।
  • यह फ्रांसीसी सरकार का एक व्यापारिक निगम था।
  • भारत में फ्रांसीसियों की पहली व्यापारिक कोठी 1668 में सूरत में स्थापित हुई। इसे फ्रांसिस कैरो ने स्थापित किया।
  • 1742 ई में डुप्ले भारत में फ्रांसीसी क्षेत्रों का गवर्नर बना।
  • भारत पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए अंग्रेजी और फ्रांसीसी कंपनियां लंबे समय तक संघर्ष करती रहीं।
  • 1760 के वांडीवाश के युद्ध में सर आयरकूट के नेतृत्व में अंग्रेज़ों ने फ्रांसीसियों को निर्णायक रूप से परास्त किया। इसके बाद फ्रांसीसी केवल पांडिचेरी, नगर हवेली और माहे तक सिमट गये ।
  • पांडिचेरी की स्थापना 1674 में फ्रांसिस मार्टिन ने की थी।

डेनिश

  • डेनमार्क की डेनिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1616 ई में हुई।
  • डेनिश कंपनी ने त्रेंकुबार (तमिलनाडु) तथा सेरामपुर (बंगाल) में  फैक्ट्रियां स्थापित की।
  • 1668 में डेनिश कंपनी ने निकोबार द्वीप पर अपने अधिकार अंग्रेज़ों कंपनी को बेच दिए इस प्रकार भारतीय क्षेत्र पर उनका थोड़ा-मोड़ा नियंत्रण भी समाप्त हो गया।

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