इतिहास Archive

1857 का विद्रोह

1857 का विद्रोह: भारत में अंग्रेजी शासन की स्थापना के साथ ही उसका विरोध शुरू हो गया था। शायद ही ऐसा कोई साल बीता हो जब देश की जनता ने कंपनी और अंग्रेजों का विरोध नहीं किया हो। बंगाल में …

आधुनिक भारत में सामाजिक-धार्मिक आंदोलन

आधुनिक भारत में सामाजिक-धार्मिक आंदोलन: 19वीं शताब्दी में उदीयमान राष्ट्रीय चेतना ने प्रबुद्ध भारतीयों को प्रेरित किया कि वे अपने सामाजिक और धार्मिक मान्यताओं में समय के अनुरूप कुछ सुधार करें।  इस समय हिन्दू, इस्लाम, पारसी, सिख आदि सभी भारतीय …

मौर्य प्रशासन

मौर्य प्रशासन: मौर्य प्रशासन के अंतर्गत भारत को पहली बार राजनीतिक एकता प्राप्त हुई. सत्ता का केंद्र राजा होता था परन्तु वह निरंकुश नहीं होता था. कौटिल्य ने राज्य के सात अंग (सप्तांग) बताये हैं- राजा, अमात्य, जनपद, दुर्ग, कोष, …

प्राचीन भारतीय लेखक और उनकी पुस्तकें

प्राचीन भारतीय लेखक और उनकी पुस्तकें विष्णुशर्मा : पंचतंत्र नारायण भट्ट : हितोपदेश गुणाढय : वृहत्कथा क्षेमेन्द्र : वृहत्कथा मंजरी सोमदेव : कथासरितसागर वराहमिहिर : वृहत्संहिता कामंदक : नीतिसार तिरवल्लुवर : कुरल या तिरक्कुरल भवभूति : मालती माधव, उत्तर रामचरित, …

मौर्योत्तर काल

मौर्योत्तर काल के प्रमुख राजवंश शुंग वंश वृहद्रथ अंतिम मौर्य शासक था. उसे उसके ब्राह्मण मंत्री और सेनानायक पुष्यमित्र शुंग ने मारकर 185 ई.पू. में शुंग वंश की स्थापना की. शुंग वंश के 9 वें शासक भागभद्र (भागवत) के दरबार …

मौर्य वंश

मौर्य वंश  323 ई. पू. से 184 ई. पू. जानकारी के स्रोत: विष्णुगुप्त चाणक्य कौटिल्य लिखित अर्थशास्त्र नामक ग्रन्थ से मौर्यों के प्रशासन तथा चन्द्रगुप्त मौर्य के व्यक्तित्व पर प्रकाश पड़ता है। अन्य ग्रंथों में: कथासरित्सागर – सोमदेव वृहत्काथामंजरी – …

जैन धर्म

जैन धर्म जैन धर्म बौद्ध धर्म से काफी पुराना है। इसका उदय वैदिक काल में ही हो गया था। जैनों के धर्म गुरुओं को तीर्थंकर कहा गया है। कुल 24 तीर्थंकर हुए। ऋषभदेव पहले तीर्थंकर थे। इनका उल्लेख ऋग्वेद में …

बौद्ध धर्म

बौद्ध धर्म बौद्ध धर्म के प्रवर्तक गौतम बुद्ध थे। बचपन का नाम सिद्धार्थ था। बचपन में ही उनकी माता महामाया (कोसल राजवंश) का देहांत हो जाने के कारण मौसी गौतमी ने पालन पोषण किया अतः वे गौतम कहलाये। उनका जन्म …

उत्तर वैदिक काल

उत्तर वैदिक काल 1000 ई. पू. से 600 ई.पू. तक के काल को ‘उत्तर वैदिक काल’ कहा जाता है। इस काल में तीन वेदों सामवेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद के अतिरिक्त ब्राह्मण, अरण्यक, उपनिषद और वेदांगों की रचना हुई। ये सभी ग्रन्थ …

ऋग्वैदिक काल

ऋग्वैदिक काल समय – 1500 ईसा पूर्व से 1000 ईसा पूर्व तक आर्यों का मूल स्थान मध्य एशिया में बैक्ट्रिया था। यह सर्वमान्य मत है। बालगंगाधर तिलक के अनुसार आर्य उत्तरी ध्रुव से आये थे। भारत में आर्य सबसे से …
error: Content is protected !!