general knowledge Archive

मुगल साम्राज्य: औरंगजेब

मुगल साम्राज्य: औरंगजेब (1658-1707 ईस्वी): मुगल बादशाह बनने से पहले औरंगजेब दक्कन का वायसराय था। औरंगजेब गुजरात, मुल्तान और सिंध का गवर्नर रह चुका था। वह मुहीउद्दीन मुहम्मद औरंगजेब आलमगीर के नाम से मुगल बादशाह बना। बादशाह बनने के बाद औरंगजेब ने जनता …

मुगल साम्राज्य: शाहजहां

मुगल साम्राज्य: शाहजहां (1627-58 ईस्वी): जहांगीर की मृत्यु के बाद शहजादा खुर्रम शाहजहां के नाम से मुगल बादशाह बना। खुर्रम की माता जगत गोसाईं जोधपुर के राजपूत राजा उदय सिंह की पुत्री थी। मयूर सिंहासन का निर्माण शाहजहां ने कराया था। इसका विवाह …

मुगल साम्राज्य: जहांगीर

मुगल साम्राज्य: जहांगीर (1605-27 ई०): जहांगीर के बचपन का नाम सलीम था। राजा भारमल की पुत्री जोधाबाई इसकी माता थी। सलीम ने 1599 ई० में अकबर के खिलाफ विद्रोह कर दिया तथा उसके दमन के लिए भेजे गए अबुल फजल की हत्या अपने मित्र ओरछा नरेश …

स्वतंत्रता आन्दोलन की महत्वपूर्ण तिथियां

स्वतंत्रता आन्दोलन की महत्वपूर्ण तिथियां: सैनिक विद्रोह  (प्रथम स्वतंत्रता संग्राम) – 10 मई, 1857. कंपनी शासन का अंत, विक्टोरिया भारत साम्राज्ञी घोषित, विक्टोरिया घोषणा – 1858. भारतीय परिषद अधिनियम – 1861. प्रार्थना समाज की स्थापना – 1867. कूका विद्रोह – 1872. थियोसोफिकल सोसायटी की स्थापना …

मुगल साम्राज्य: बाबर और हुमायूं

मुगल साम्राज्य: बाबर और हुमायूं बाबर(1526-30ई०): जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर का जन्म 24 फरवरी, 1483 ई० को हुआ। वह तैमूर वंश का चगताई तुर्क था। उसकी माता प्रसिद्ध मंगोल चंगेज खां की वंशज थी। बाबर अपने पिता उमर शेख की मौत …

आधुनिक भारत के महत्वपूर्ण संगठन

आधुनिक भारत के महत्वपूर्ण संगठन और उसके संस्थापक: आत्मीय सभा – राजा राम मोहन राय (1815), वेदांत कालेज – राजा राम मोहन राय (1825), यूनिटेरियन मिशन – राजा राम मोहन राय (1825), ब्रह्म सभा/ब्रह्म समाज – राजा राम मोहन राय (1828), तत्वबोधिनी …

1857 का विद्रोह

1857 का विद्रोह: भारत में अंग्रेजी शासन की स्थापना के साथ ही उसका विरोध शुरू हो गया था। शायद ही ऐसा कोई साल बीता हो जब देश की जनता ने कंपनी और अंग्रेजों का विरोध नहीं किया हो। बंगाल में …

भारतीय न्यायपालिका

भारतीय न्यायपालिका: भाग -5, अनुच्छेद 124-147 एवं भाग-6, अनुच्छेद 214-237 सर्वोच्च न्यायालय भारतीय संविधान के अंतर्गत एकल न्यायिक व्यवस्था की स्थापना की गई है। पूरे देश के लिए गांव से लेकर केंद्र तक न्यायालयों की एकीकृत ऋंखला है। सर्वोच्च न्यायालय …

भारत की संघीय विधायिका

भारत की संघीय विधायिका भारत में केंद्रीय व्यवस्थापिका को संसद के नाम से भी जाना जाता है। भारतीय संसद का गठन लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति को मिलाकर होता है। राष्ट्रपति संसद का अभिन्न अंग होता है क्योंकि उसके हस्ताक्षर के …

केंद्रीय मंत्रिपरिषद्

केंद्रीय मंत्रिपरिषद् का गठन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 74 के तहत राष्ट्रपति को उसके दायित्वों के निर्वाह में सलाह देने के लिए केंद्रीय मंत्रिपरिषद् का प्रावधान किया गया है। केंद्र और राज्य मंत्रिपरिषद् की सदस्य संख्या लोकसभा और राज्य विधानसभा …
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